एक दिव्य और आनंदमय अवसर था। इस अवसर पर विविध सामग्री की हटड़ी सजाई गई थी, जिसमें भगवान के लिए विशेष अभिषेक सामग्री, रंगों की विविधता, और अन्य पूजा सामग्री शामिल थी।
भगवान के सानिध्य में आयोजित इस रंगोत्सव में संतो-भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। अभिषेक के दौरान भगवान के ऊपर एवं अरसपरस रंगों की वर्षा की गई, जिससे वातावरण में एक दिव्य और आनंदमय माहौल बन गया।
इस अवसर पर भगवान के सानिध्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों में भजन, कीर्तन और मंत्रगान शामिल थे, जिन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।